Logic Gates क्या हैं और Logic Gates के प्रकार

इस पेज पर आज हम Logic Gates की समस्त जानकारी पढ़ने वाले हैं तो इस आर्टिकल को  पूरा जरूर पढ़े।

पिछले पेज पर हमने Integrated Circuit की जानकारी शेयर की हैं यदि आप IC की जानकारी पढ़ना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को भी पढ़े।

चलिए आज हम LOGIC GATES क्या हैं इसके प्रकार की समस्त जानकारी पढ़ते और समझते हैं।

Logic Gates क्या हैं

 विभिन्न प्रकार की अर्धचालक युक्तियों को इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में स्विच के रूप में प्रयुक्त की जाती है इन अर्द्धचालक युक्तियों में रिले, डायोड, ट्रांजिस्टर, IC आदि प्रमुख है, चूँकि ये सभी परिपथ logical बीजगणित पर आधारित होती है इसलिए इन सभी परिपथों को लॉजिक गेट कहते है।

लॉजिक गेट वे परिपथ होते है जिनमें एक से अधिक इनपुट लिए जा सकते है लेकिन एक विशेष logical गणित क्रिया के बाद इनसे एक आउटपुट बाहर निकलता है अर्थात इनका इनपुट तथा आउटपुट एक विशेष तर्क पर आधारित रहता है।

Boolean की दो परिवर्ती राशियाँ इलेक्ट्रॉनिक स्विचिंग परिपथों की ON या OFF स्टेट से भी प्रदर्शित की जा सकती हैं। बूलियन बीजगणित के नियम इलेक्ट्रॉनिक स्विचों की सहायता से प्रतिपादित (implement) किये जाते हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक logic circuits कहते हैं।

इस प्रकार इसमे दो राशियाँ 0 तथा 1 होती हैं। प्रत्येक संख्या या तो 0 है अथवा 1 है। इस प्रणाली में कोई भी ऋणात्मक अथवा भिन्नात्मक संख्या नहीं होती हैं। 

क्योंकि, logic gates डायोड, और ट्रांजिस्टर से मिलकर बने होते हैं, तो इनको operate करने के लिए वोल्टेज की जरूरत पड़ती है। यह वोल्टेज या तो 0 V होती है या +5V होती है। Digital Logic Design में 0V, logic-0 और 1V को logic-1 consider करते हैं।

logic-0 और logic-1 के अन्य नाम भी है। जैसे- logic-0 को False, Negative-logic, Low, Off और Logic-1 को True, Positive-logic, High, On के नाम से भी जाना जाता है।

लॉजिक गेट का उपयोग Adder, Subtractor, Flip-flop, Shift-Register, और Counter में भी किया जाता है। 

logic gates  डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की नीव है। कंप्यूटर, कैलकुलेटर, माइक्रोप्रोसेसर, माइक्रोवेव,और वाशिंग-मशीन आदि में लॉजिक गेट्स प्रयोग किये जाते हैं।

Logic Gates के प्रकार

लॉजिक गेट्स 7 प्रकार के होते हैं।

  1. AND Gate 
  2. OR Gate
  3. NOT Gate
  4. NAND Gate
  5. NOR Gate
  6. XOR Gate
  7. XNOR Gate

1. AND Gate

AND Gate एक डिजीटल सर्किट है। जिसमें एक या एक से अधिक इनपुट होते हैं और केवल एक आउटपुट होता है। ऑपरेशन AND चिन्ह (.) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

AND gate Equation Y =  A.B

AND gate

चित्र में प्रदर्शित AND गेट में A और B इनपुट हैं और  C आउटपुट है।

इस गेट में दोनों इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट सत्य (1) प्राप्त होता है लेकिन दोनों इनपुट में से एक भी इनपुट असत्य (0) होने पर आउटपुट असत्य (0) प्राप्त होता है।

2. OR Gate 

OR Gate एक डिजीटल सर्किट होता है इसमे एक या उससे अधिक इनपुट होते हैं और केवल एक आउटपुट होता है।

OR Gate Equation  Y =  A+B

OR gate

चित्र में प्रदर्शित OR गेट में है A और B इनपुट हैं और c आउटपुट है। इस गेट में यदि इनपुट A या इनपुट B दोनों का मान सत्य (1) हो तो आउटपुट का मान सत्य (1) प्राप्त होगा। 

3. NOT GATE

NOT gate input के बिल्कुल उल्टा output देता हैं। यदि NOT gate में Input 1 है तो Output 0 आता हैं। और यदि input 0 हो तो output 1 आता हैं। 

इसे inverter भी कहते है। NOT gate में कुल input की संख्या के अनुसार इसे Unary gate भी कहा जाता है जबकि अन्य gate को Binary gate कहते हैं।

इसमे A के ऊपर बार (-) चिन्ह द्वारा NOT गेट को प्रदर्शित किया जाता है।

NOT gate

अर्थात इनपुट का जब इनपुट में सत्य (1) दिया जाता है तो आउटपुट में असत्य (0) प्राप्त होता है और जब इनपुट में असत्य (0) दिया जाता है तो आउटपुट में सत्य (1) प्राप्त होता है।

Note – AND Gate, OR Gate और NOT Gate Basic Logic Gate कहलाते हैं।

4. NAND GATE

NAND गेट AND Gate और NOT Gate का मिश्रण होता है जिसमें AND गेट का आउटपुट NOT गेट के द्वारा उलट दिया जाता है । 

जिसमें एक समय में दो या दो से अधिक input हो सकते हैं। परन्तु आउटपुट केवल एक ही होता है। NAND की कार्यविधि  AND gate के विपरीत होती है।

NAND gate

इस परिपथ में पहले A एवं B इनपुट AND होती है जिससे आउटपुट AB प्राप्त होती है। इसके पश्चात् आउटपुट AB को NOT गेट की इनपुट की भाँति प्रयोग किया जाता है एवं अन्तिम आउटपुट प्राप्त होती है।

NAND gate का output, AND gate के output का inverse होता है। इस गेट का आउटपुट सत्य (1) तब होता है, जब कोई भी एक इनपुट असत्य (0) होता है। और दोनों इनपुट सत्य (1) होंगे तो आउटपुट असत्य (0) होता हैं।

Note – NAND और NOR गेट को Universal Gate कहते हैं। क्योंकि, इन दोनों गेट से कोई भी बूलियन फंक्शन बनाया जा सकता है।

5. NOR GATE

NOR गेट यह एक OR गेट और NOT गेट का मिश्रण  होता है जिसमें OR गेट का आउटपुट NOR गेट के द्वारा inverse हो जाता है।

जब OR गेट के output को NOT गेट के इनपुट में दे दिया जाए तो इस प्रकार बने इस परिपथ या गेट को NOR गेट कहते है। इसे NOT-OR गेट भी कहते है। क्योंकि यह मूल गेट NOT और OR गेट से मिलकर बना होता है इसलिए इसे भी सार्वत्रिक गेट कहते है।

NOR gate

NOR गेट का आउटपुट सत्य (1) तब होगा, जब दोनों इनपुट असत्य (0) होंगे। और दोनों इनपुट के सत्य (1) और असत्य (0) होने की दोनों स्थितियों में आउटपुट सत्य (0) प्राप्त होता है।

6. XOR GATE

इस गेट को Ex-OR Gate या Exclusive OR Gate भी कहते हैं। 

यह AND, NOR और OR गेट का एक ऐसा मिश्रण  होता है जिसके AND गेट और NOR गेट से प्राप्त दोनों आउटपुट OR गेट में इनपुट होते हैं और इस OR गेट से सम्पूर्ण संयोजन का आउटपुट प्राप्त होता है।

XOR gate

इस गेट में किसी एक इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट सत्य (1) प्राप्त होता है लेकिन दोनों इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट असत्य (0) प्राप्त होता है ।

इस परिपथ का उपयोग दो डिजिटल सिगनल की तुलना के लिए किया जाता है। XOR गेट का डिजिटल परिपथों में व्यापक रूप में प्रयोग किया जाता है।

यह बेसिक आपरेशन नहीं है परन्तु बेसिक गेट्स AND, OR तथा NOT को प्रयोग कर अथवा यूनिवर्सल गेट्स NAND या NOR को प्रयोग कर निर्मित किया जा सकता है। 

7. XNOR GATE

इसे XNOR गेट या Exclusive NOR Gate भी करते हैं।

XNOR गेट XOR गेट का उल्टा होता है। जिसमें एक AND गेट और दो NOR गेट का मिश्रण होता है।

इसके AND गेट और NOR गेट से प्राप्त दोनों आउटपुट दूसरे NOR गेट में इनपुट होते हैं और इससे सम्पूर्ण संयोजन का आउटपुट प्राप्त होता है।

XNOR gate

इस गेट से किसी एक इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट असत्य (0) प्राप्त होता है लेकिन दोनों इनपुट के सत्य (1) और असत्य (0) होने की दोनों स्थितियों में आउटपुट सत्य (1) प्राप्त होता है।

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