LOGIC GATES क्या हैं इसके प्रकार

विभिन्न प्रकार की अर्धचालक युक्तियों को इलेक्ट्रॉनिक परिपथ में स्विच के रूप में प्रयुक्त की जाती है इन अर्द्धचालक युक्तियों में रिले, डायोड, ट्रांजिस्टर, IC आदि प्रमुख है, चूँकि ये सभी परिपथ logical बीजगणित पर आधारित होती है इसलिए इन सभी परिपथों को लॉजिक गेट कहते है।

लॉजिक गेट वे परिपथ होते है जिनमें एक से अधिक इनपुट लिए जा सकते है लेकिन एक विशेष logical गणित क्रिया के बाद इनसे एक आउटपुट बाहर निकलता है अर्थात इनका इनपुट तथा आउटपुट एक विशेष तर्क पर आधारित रहता है।

Boolean की दो परिवर्ती राशियाँ इलेक्ट्रॉनिक स्विचिंग परिपथों की ON या OFF स्टेट से भी प्रदर्शित की जा सकती हैं। बूलियन बीजगणित के नियम इलेक्ट्रॉनिक स्विचों की सहायता से प्रतिपादित (implement) किये जाते हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक logic circuits कहते हैं।

इस प्रकार इसमे दो राशियाँ 0 तथा 1 होती हैं। प्रत्येक संख्या या तो 0 है अथवा 1 है। इस प्रणाली में कोई भी ऋणात्मक अथवा भिन्नात्मक संख्या नहीं होती हैं।

क्योंकि, logic gates डायोड, और ट्रांजिस्टर से मिलकर बने होते हैं, तो इनको operate करने के लिए वोल्टेज की जरूरत पड़ती है। यह वोल्टेज या तो 0 V होती है या +5V होती है। Digital Logic Design में 0V, logic-0 और 1V को logic-1 consider करते हैं।

लॉजिक-0 और लॉजिक-1 के अन्य नाम भी है। जैसे- लॉजिक-0 को False, Negative-logic, Low, Off और Logic-1 को True, Positive-logic, High, On के नाम से भी जाना जाता है।

डिजिटल कम्प्यूटर में सभी ऑपरेशन्स संकेतों के माध्यम से निष्पादित होते हैं। ये संकेत कम्प्यूटर के अंदर के सर्किट के standard blocks से प्राप्त होते हैं। इन्हीं सर्किट logic gates कहा जाता है ।

लॉजिक गेट का उपयोग Adder, Subtractor, Flip-flop, Shift-Register, और Counter में भी किया जाता है। 

logic gates  डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की नीव है। कंप्यूटर, कैलकुलेटर, माइक्रोप्रोसेसर, माइक्रोवेव,और वाशिंग-मशीन आदि में लॉजिक गेट्स प्रयुक्त किये जाते हैं

Logic Gates के प्रकार

लॉजिक गेट्स 7 प्रकार के होते हैं।

  1. AND Gate 
  2. OR Gate
  3. NOT Gate
  4. NAND Gate
  5. NOR Gate
  6. XOR Gate
  7. XNOR Gate

1. AND Gate 

AND Gate एक डिजीटल सर्किट है। जिसमें एक या एक से अधिक इनपुट होते हैं और केवल एक आउटपुट होता है। ऑपरेशन AND चिन्ह (.) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

AND gate के लिए Expression Y =  A.B

चित्र में प्रदर्शित AND गेट में A और B इनपुट हैं और  C आउटपुट है।

इस गेट में यदि इनपुट A और B का मान सत्य (1) हो तो आउटपुट सत्य (1) प्राप्त होगा।

यह एक ऐसा गेट है, जिसका आउटपुट तब High यानी ‘1’ होता है, जब दोनों इनपुट ‘1’ होते हैं। एक भी इनपुट ‘0’ होने पर आउटपुट ‘0’ प्राप्त होगा।

AND gate, Binary Multiplication Operation, बाइनरी डिजिट (0 और 1) पर परफॉर्म करता है। कहने का मतलब यह है की 0 को 0 से, 0 को 1 से, और 1 को 0 से गुणा करने पर आउटपुट ‘0’ प्राप्त होता है। आउटपुट ‘1’ केवल तब मिलता है, जब 1 को 1 से गुणा करते हैं।

2. OR Gate

OR Gate एक डिजीटल सर्किट होता है इसमे एक या उससे अधिक इनपुट होते हैं और केवल एक आउटपुट होता है।

चित्र में प्रदर्शित OR गेट में है A और B इनपुट हैं और c आउटपुट है। इस गेट में यदि इनपुट A या इनपुट B दोनों का मान सत्य ( 1 ) हो तो आउटपुट का मान सत्य ( 1 ) प्राप्त होगा। 

पर यह एक समय में केवल एक output देता है । बीजगणित के अनुसार OR gate input data

के जोड़ को आउटपुट के रूप में प्रदान करता है। OR gate सामान्यतः सत्य (1)  परिणाम उत्पन्न करता है

एक भी इनपुट ‘1’ होने पर, आउटपुट ‘1’ प्राप्त होता है. यह गेट binary addition operation, बाइनरी डिजिट पर परफॉर्म करता है।

OR Gate Equation  Y =  A+B

3. ‘NOT GATE’

NOT gate input के बिल्कुल उल्टा output देता हैं। यदि NOT gate में Input 1 है तो Output 0 आता हैं। और यदि input 0 हो तो output 1 आता हैं। 

इसे inverter भी कहते है। NOT gate में कुल input की संख्या के अनुसार इसे Unary gate भी कहा जाता है

 जबकि अन्य gate को Binary gate कहते हैं।

Expression for NOT gate :-  Y = A

अर्थात इनपुट का जब इनपुट में 1 (उच्च) दिया जाता है तो आउटपुट में 0 (निम्न) प्राप्त होता है और जब इनपुट में 0 दिया जाता है तो आउटपुट में 1 प्राप्त होता है।

इस गेट को इनवर्टर भी कहा जाता है क्योकि यह इनपुट को उल्टा या इन्वर्ट कर देता है।

इसमे A के ऊपर बार (-) चिन्ह द्वारा NOT गेट को प्रदर्शित किया जाता है।

इस गेट में केवल एक इनपुट तथा एक आउटपुट होती है। NOT गेट, इनपुट को इनवर्ट (invert) या कम्पलीमेन्ट करता है। इस प्रकार यदि इनपुट की स्टेट ‘1’ है तब आउटपुट की स्टेट ‘0’ होगी एवं यदि इनपुट ‘0’ स्टेट में है तब आउटपुट ‘1’ होगी। NOT गेट की सत्य तालिका निम्न प्रकार है। 

Note – AND Gate, OR Gate और NOT Gate Basic Logic Gate कहलाते हैं।

4. NAND Gate 

NAND गेट AND Gate और NOT Gate का मिश्रण होता है जिसमें AND गेट का आउटपुट NOT गेट के द्वारा उलट दिया जाता है । 

यह AND gate और NOT gate का संयोजन होता है जिसमें एक समय में दो या दो से अधिक input हो सकते हैं।

परन्तु आउटपुट केवल एक ही होता है। NAND की कार्यविधि  AND gate के विपरीत होती है।

NAND gate में output 1 प्राप्त होता है जब इसका कोई भी inputs सदैव 0 प्राप्त होता है।

Expression for NAND gate:- Y=A.B

 इस परिपथ में पहले A एवं B इनपुट AND होती है जिससे आउटपुट AB प्राप्त होती है। इसके पश्चात् आउटपुट AB को NOT गेट की इनपुट की भाँति प्रयोग किया जाता है एवं अन्तिम आउटपुट प्राप्त होती है।

NAND gate का output, AND gate के output का inverse होता है। इस गेट का आउटपुट ‘1’ तब होता है, जब कोई भी एक इनपुट ‘0’ होता है.

Note – NAND और NOR गेट को Universal Gate कहते हैं। क्योंकि, इन दोनों गेट से कोई भी बूलियन फंक्शन बनाया जा सकता है।

5. NOR Gate 

NOR गेट यह एक OR गेट और NOT गेट का मिश्रण  होता है जिसमें OR गेट का आउटपुट NOR

गेट के द्वारा inverse हो जाता है।

जब OR गेट के output को NOT गेट के इनपुट में दे दिया जाए तो इस प्रकार बने इस परिपथ या गेट को NOR गेट कहते है। इसे NOT-OR गेट भी कहते है। चूँकि यह मूल गेट NOT और OR गेट से मिलकर बना होता है इसलिए इसे भी सार्वत्रिक गेट कहते है।

NOR गेट का आउटपुट ‘1’ तब होगा, जब दोनों इनपुट ‘0’ होंगे।

6. XOR Gate

इस गेट को Ex-OR Gate या Exclusive OR Gate भी कहते हैं। 

यह AND, NOR और OR गेट का एक ऐसा मिश्रण  होता है जिसके AND गेट और NOR गेट से प्राप्त दोनों आउटपुट OR गेट में इनपुट होते हैं और इस OR गेट से सम्पूर्ण संयोजन का आउटपुट प्राप्त होता है।

इस गेट में किसी एक इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट सत्य (1) प्राप्त होता है

लेकिन दोनों इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट असत्य (0) प्राप्त होता है ।

इस परिपथ का उपयोग दो डिजिटल सिगनल की तुलना के लिए किया जाता है। XOR गेट का डिजिटल परिपथों में व्यापक रूप में प्रयोग किया जाता है। यह बेसिक आपरेशन नहीं है परन्तु बेसिक गेट्स AND, OR तथा NOT को प्रयोग कर अथवा यूनिवर्सल गेट्स NAND या NOR को प्रयोग कर निर्मित किया जा सकता है। 

7. XNOR Gate

XNOR गेट ( Exclusive NOR Gate )

XNOR गेट XOR गेट का उल्टा होता है। जिसमें एक AND गेट और दो NOR गेट का मिश्रण होता है।

इसके AND गेट और NOR गेट से प्राप्त दोनों आउटपुट दूसरे NOR गेट में इनपुट होते हैं और इससे सम्पूर्ण संयोजन का आउटपुट प्राप्त होता है।

इस गेट से किसी एक इनपुट के सत्य (1) होने पर आउटपुट असत्य (0) प्राप्त होता है लेकिन दोनों इनपुट के सत्य (1) और असत्य (0) होने की दोनों स्थितियों में आउटपुट सत्य (1) प्राप्त होता है ।

दोस्तों इस पोस्ट में हमने आपको logic gate के बारे में समस्त जानकारी दी है इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप logic gate को पूरा समझ गये होंगे और आपको जरुर पसंद आई होगी यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई हो तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें, धन्यवाद

Leave a Comment