भारत के लिए ऑनलाइन शर्त प्रक्रिया उपदेशक  

भारत में ऑनलाइन गैंबलिंग काफी लोकप्रिय है और इस समय भारतवासियों के समाने  काफी सारी बेटिंग साइट जिनपर सट्टेबाजी का खेल खेला जा सकता हैं। ऑनलाइन बेटिंग साइट भारत में काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इसपर सट्टा खेलने के लिए बाहर नही जाना पड़ता है। भारत में तो इसका इतिहास काफी पुराना माना जाता है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी आने से ऑनलाइन बेटिंग इन इंडिया में काफी लोकप्रिय बन गन गया। ऑनलाइन सट्टा हो या ऑफलाइन सट्टा भारत में इसे खेलना कानूनी है या नहीं? यह पूरी तरह से स्पष्ट नही है।

सट्टा कानून के बारे में स्पष्टता न होने के बावजूद भी काफी सारे लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी का खेल खेलते है। इसकी के साथ सबसे प्रसिद्ध बेटिंग साइट परीमैच को माना जाता है, यह विश्वाश योग्य है भी । यह काफी पुरानी साइट है, साथ ही अधिकारीक भी है। यह तो सब जानते है, कि ऑनलाइन बेटिंग से काफी पैसा कमाया जा सकता है, लेकिन क्या आप भारत में ऑनलाइन शर्त प्रक्रिया के बारे में जानते हैं, अगर नही तो चलिए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

भारत में जुआ अधिनियम

एक भारत में जुआ गैंबलिंग कानूनों को मुख्य रूप से सार्वजनिक गेमिंग अधिनियम द्वारा रेगुलेट किया जाता है, जिसे 1867 में लागू किया गया। सरकार ने शुरुआत में ही इस कानून को पूरे देश में लागू किया था, लेकिन तब से कई राज्यों ने अपने राज्य के लिए अलग अलग जुआ कानून लागू कर लिए है। उन्हे खुद अपने राज्य में जुआ पर कानून  बनाने की अनुमति है। उनमें से कई गेमिंग अधिनियम का उपयोग अपने नियमों या प्रतिबंधों के आधार के रूप में किया जाता है।

 जुआ अधिनियम में विभिन्न प्रकार के गेमों पर अलग अलग तरह के कानून है। उदाहरण के लिए, कौशल पर आधारित बहुत सारे खेल कानूनी माने जाते हैं, उनकर जुआ खेलना कानूनी है। इसमें पोकर और घुड़दौड़ शामिल हैं, यहां तक कि लॉटरी की भी अनुमति दी गई है इसलिए इसे कानूनी रूप से भारतीय खिलाड़ियों को पेश किया जाता है। इसके साथ ही, भारत में ये जुए कानून काफी पुराने हैं, इसलिए हम आज ऑनलाइन कैसीनो खेलों का आनंद लेने में सक्षम हैं और इसके लिए टॉप सट्टेबाजी साइट भी हैं।

ऑनलाइन कैसीनो कानून 

भारत में ऑनलाइन जुआ उद्योग को इंगित करने वाले अलग-अलग कानून नहीं बने है। स्थानीय रूप से, सरकारों द्वारा जारी किए गए नियमित गेमिंग अधिनियम पहले से ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के जुए में शामिल हैं। हालाँकि, ये कानून विदेशी कैसीनो पर लागू नहीं किए जाते हैं।

वर्ष 2000 में, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की स्थापना की गई। हालांकि, इस अधिनियम में ऑनलाइन जुआ का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं करता है। इसलिए लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी करते नजर आते हैं। भारत में कई सारी ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट है, जिनपर लोग सट्टेबाजी करते है।

विदेशी ऑनलाइन कैसीनो साइटें

बहुत सारे ऑनलाइन कैसीनो ऐसे हैं, जिसपर भारतीय खिलाड़ी भी अपना दाव खेलते है। वही कुछ विदेशो ने तो भारतीय खिलाड़ियों के लिए विशेष वेबसाइटें भी बना रखी हैं। भारत के लोगों के लिए काफी सारी साइट ऑफर्स भी प्रदान करती है।जिससे भारत के लोग उनकी साइट को चुने। यह साइटों में परीमैच, 22बेट , betway जैसी काफी सारी प्रसिद्ध वेबसाइट है। साथ ही यूट्यूब पर भी हम इन साइटों का प्रचार देखने को मिलता है।

हुनर के खेल पर स्वीकृत 

सार्वजनिक द्युत अधिनियम स्पष्ट यह कहता है कि” इस अधिनियम का कोई हिस्सा मात्र हुनर के खेलों पर जहां पर भी खेले जाए लागू नहीं किया जाएगा”। इसका अर्थ है कि अगर उनके खिलाफ दुसरे कानून नहीं हो तो हुनर के खेलो पर शर्त लगाना एक कानूनी काम है। इस कानूनी में यह माना जाता है, हुनर के खेलों पर दाव खेलना कानूनी हैं।

जुआ कानूनों – अस्पष्ट क्षेत्र

भारतीय कानून में पोकर एक बड़ा अस्पष्ट क्षेत्र है। यह रोचक है, कि तीन पत्ती और टेक्सस होल्ड ऍम जैसे खेल वर्जित है जबकि रम्मी स्वीकृत है। इससे भी ज्यादा रोचक है कि घुडदौड, जिसमे जितना बहुत आसान हो जाता है, इसपर शर्त लगाना कानूनी है क्यों कि वह एक हुनर का खेल है, परन्तु विकेट शर्त प्रक्रिया, जिसमे वही हुनर जरुरी है, वर्जित है। हर राज्य ने अपने अपने अलग अलग जुआ कानून बना रखे है तो अगर आप सट्टा लगाना चाहते है तो सबसे पहले अपने राज्य के नियमों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें।

लोटरी भारत के कई राज्यों में कानूनी है, 1998 का केंद्रीय लोटरी नियंत्रण अधिनियम ने राज्य सरकारों को लोटरी चलाने का अधिकार दिया था, पर स्पष्ट किया कि हफ्ते में एक बार से ज्यादा नही खुलवाई जाएगी  आज अधिकांश भारतीय राज्यों में अत्यधिक लोटरी टर्मिनल प्राप्त है और कुछ लोटरी हर 15 मिनट में खुलती है।

आपने सट्टेबाजी के कानूनों के बारे में जान लिया तो चलिए अब आपको बताते है, उन तीन सबसे लोकप्रिय तरीको जिससे आप ऑनलाइन सट्टेबाजी में पैसा लगा सकते हैं।

 Skrill – यह एक ई-वाल्लेट है, जिसमे भारतीय रूपये जमा किये जा सकते है। आप अपने बैंक का खाता अथवा डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड इससे जोड सकते हैं। यह ऑनलाइन सट्टेबाजो से जमा और निकासी दोनो में काम आता है।

Neteller – यह भी एक ई-वाल्लेट है, जो भारतीय मुद्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह भी अति प्रतिष्टित वेबसाइट है।

Entropay – यह एक ई-वाल्लेट जैसा ही है। पर इसमें जो राशि जमा है, वह एक वर्चुअल डेबिट कार्ड क्रमांक से जुडी रहती है जिससे आप उन सब ऑनलाइन साइटों से खरीददारी कर सकते है जो वीसा कार्ड लेते है। रिजर्व बैंक के नए नियमो के अनुसार यह करना इतना आसान नहीं है।

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